महाकाल मंदिर विश्व के समय का स्वामी कहा जाता है, हिंदू धर्म में भगवान शिव का वह स्वरूप है जो संहार, सृजन, संरक्षण और परिवर्तन-चारों शक्यतियों का समन्वय है। महाकाल शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- महान और काल , जो समय से परे है।
महाकाल मंदिर की स्थिति-
उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है, जो दक्षिणमुखी है, और इसकी यही खाश बात इसको शक्तिशाली और पूज्य बनाती है। महाकाल का स्वरूप भक्तों में अटूट विश्वास, निष्ठा और आस्था का संचार करता है। ऐसा माना जाता है कि महाकाल मंदिर में ही भगवान शिव स्वयं पृथ्वी पर अवतरित होकर भक्तों की रक्षा करते हैं।
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती समय-
महाकाल सिर्फ एक देवता नहीं, बल्कि एक अध्यात्मिक अनुभव हैं। उनका स्वरूप यह समझाता है कि यही कारण, जीवन अनंत है, और मृत्यु केवल एक परिवर्तन का चरण है। जब भक्त ओम नमः शिवाय या जय महाकाल का उच्चारण करते हैं, तो वे अपनी आत्मा को एक ऐसी शक्ति से जोड़ने से जोड़ते हैं, जो उन्हें भय, दुख, इसी कारण, निराशा और तनाव से मुक्त करती है। महाकाल की भस्मारती प्रातःकाल श्मसान की राख से की जाती है, जीवन के वास्तविक स्वरूप का प्रतीक है-यह दर्शाती है कि संसार में सब कुछ नश्वर है और केवल परम तत्व ही शाश्वत है।
दर्शन का विशेष समय महाकाल-
महाकाल के दर्शन में भय और करूणा दोनों का अद्भुत संगम है। वे क्रोध में प्रलयकारी हैं, और दया में संसार को बचाने वाले। उनका त्रिनेत्र उनके ज्ञान, धैर्य और काल पर नियंत्रण का प्रतीक है। जटाओं से निकलती गंगा जीवन का संदेश देती है, जबकि उनके गले में सांप यह बताता है कि वे विष को भी स्वीकार करने वाले हैं। उनके हाथ में डमरू और त्रिशूल सृष्टि और विनाश के चक्र को स्थिर रखते है।
महाकालेश्वर का संदेश क्या है-
महाकाल का संदेश सरल हैं जीवन में परिवर्तन निरंतर है। समय किसी का इंतजार नहीं करता, और जो समय को समझ लेता है, वही अपनी आत्मिक यात्रा में आगे बढ़ पाता है। महाकाल का विचार हमें यह भी सिखाता है कि भय का नाश तभी होता है। जब हम यह रूप शिव का मन की चंचलता को शांत करता है सच कहें तो, जीवन के उद्देश्य को स्पष्ट करता है। आज के तनावपूर्ण जीवन में महाकाल का ध्यान मन को स्थिरता देता है। उनकी भक्ति मनुष्य को यह भरोसा देती है कि कठिन से कठिन परिस्थिति भी महाकाल की कृपा से सरल हो सकती है। जो महाकाल सम्पूर्ण सृष्टि के मालिक हैं, वे अपने भक्तों को छोटी सी प्राथना भी सुनते हैं और उनकी रक्षा करते हैं।
“काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का”

सीने को चीर कर देखो मेरा,तुमको बाबा महाकाल मिलेंगे।
हर हर महादेव
शिव जी की आरतीhttps://hindimebatao.com/shivji-ki-aarti/
